
"UER-2 का मैप: दिल्ली का तीसरा रिंग रोड, अगस्त 2025 में होगा लॉन्च, जो IGI एयरपोर्ट, गुरुग्राम, नजफगढ़, मुंडका और नरेला को जोड़ेगा।"
दिल्ली को मिली नई ‘जीवन रेखा’
दिल्ली वालों, तैयार हो जाइए! अगस्त 2025 में आपके सफर का अनुभव बदलने वाला है। दिल्ली का तीसरा रिंग रोड, यानी Urban Extension Road-2 (UER-2), आखिरकार शुरू होने जा रहा है। लगभग ₹8,000 करोड़ की लागत से बना ये 6-लेन एक्सप्रेसवे न सिर्फ ट्रैफिक कम करेगा, बल्कि आपकी यात्रा का समय भी 40% से 60% तक घटा देगा।
UER-2 है क्या?
UER-2, दिल्ली के बाहरी इलाकों को जोड़ने वाला एक हाई-स्पीड कॉरिडोर है, जिसे ‘थर्ड रिंग रोड’ भी कहा जा रहा है।
- लंबाई: लगभग 75 किलोमीटर
- लेन: 6 लेन
- निर्माण लागत: करीब ₹8,000 करोड़
- मुख्य कनेक्शन: IGI एयरपोर्ट, गुरुग्राम, नजफगढ़, मुंडका, नरेला, अलिपुर और उत्तर-पश्चिम दिल्ली के कई इलाके।
क्यों है ये प्रोजेक्ट खास?
1. ट्रैफिक जाम से राहत
दिल्ली के अंदर-बाहर आने-जाने वाले भारी वाहनों को अब शहर के बीच से नहीं गुजरना पड़ेगा। इसका मतलब है, मुख्य सड़कों पर कम भीड़।
2. कम समय में लंबा सफर
जो सफर पहले 2 घंटे में होता था, वो अब सिर्फ 50-60 मिनट में पूरा हो सकेगा।
3. ईंधन और प्रदूषण में कमी
ट्रैफिक कम होने से पेट्रोल-डीजल की बचत होगी और प्रदूषण भी घटेगा।
4. इको-फ्रेंडली डिजाइन
सड़क के किनारे ग्रीन बेल्ट और सोलर लाइट्स जैसी सुविधाएं लगाई गई हैं।
कौन-कौन होगा कनेक्ट?
UER-2, दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पश्चिम तक का सीधा कनेक्शन देगा।
- IGI एयरपोर्ट → नरेला
- गुरुग्राम → मुंडका
- नजफगढ़ → अलिपुर
इसका मतलब है कि अगर आप एयरपोर्ट से नरेला या बहादुरगढ़ की तरफ जा रहे हैं, तो अब आपको दिल्ली के बीचों-बीच ट्रैफिक से नहीं गुजरना पड़ेगा।
लॉन्च डेट और मौजूदा स्थिति
UER-2 का आधिकारिक उद्घाटन अगस्त 2025 में होने जा रहा है। फिलहाल 95% से ज्यादा काम पूरा हो चुका है और बाकी का काम फाइनल टच में है।
अपेक्षित पूर्णता समयसीमा
NHAI के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य जुलाई 2025 के अंत तक पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इसके बाद अगस्त के पहले हफ्ते में फाइनल इंस्पेक्शन और ट्रायल रन होगा, ताकि उद्घाटन से पहले सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों की जांच हो सके।
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दिल्ली वालों के लिए फायदे
- कम ट्रैफिक प्रेशर: आउटर रिंग रोड और इनर रिंग रोड पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा।
- बेहतर कनेक्टिविटी: NCR के शहरों से सीधा और तेज़ कनेक्शन।
- यात्रा में बचत: समय और पैसे दोनों की बचत।
- व्यापार को बढ़ावा: दिल्ली और आसपास के औद्योगिक इलाकों के बीच सामान की सप्लाई तेज़ होगी।
दिल्ली का नया रिंग रोड: कैसे बदल देगा ट्रैफिक का नक्शा?
UER-2 के शुरू होने के बाद शहर के भीतर का ट्रैफिक पैटर्न बदल जाएगा। बाहरी इलाकों में भारी वाहन शिफ्ट हो जाएंगे, जिससे पिक आवर्स में भी रोड खाली मिल सकती है।
NCR में सफर अब होगा आसान और तेज़
नोएडा, गुरुग्राम, बहादुरगढ़, सोनीपत और दिल्ली के कई हिस्सों के बीच सीधा, स्मूद कनेक्शन मिलेगा।
पर्यावरण के लिए भी राहत
कम ट्रैफिक और स्मूद मूवमेंट का मतलब है कम प्रदूषण। सरकार का दावा है कि इससे सालाना हजारों टन CO₂ उत्सर्जन घटेगा।
लोग क्या कह रहे हैं?
स्थानीय निवासियों और कम्यूटर का मानना है कि इससे दिल्ली की ट्रैफिक समस्या में बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, ट्रक ड्राइवरों के लिए ये रास्ता समय और ईंधन दोनों बचाएगा।
निष्कर्ष: दिल्ली का सफर अब होगा स्मूद और फास्ट
UER-2 सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि दिल्ली की नई ‘मोबिलिटी क्रांति’ है। अगस्त में जब ये सड़क खुलेगी, तो लाखों लोगों का रोज़ाना का सफर आसान हो जाएगा। ट्रैफिक, समय, और प्रदूषण—तीनों पर इसका असर साफ दिखेगा।