“मोदी का बड़ा ऐलान: किसानों के हित में सिर्फ Nation First की सोच”-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है जो देश के किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। पीएम मोदी ने साफ तौर पर कहा कि सरकार किसानों के हित में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी और इसके लिए चाहे उन्हें कोई भी कीमत चुकानी पड़े, वे तैयार हैं।
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मोदी का बयान – किसानों के साथ कोई समझौता नहीं-
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में जोर देते हुए कहा,
“हमारे लिए किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों के हित सर्वोपरि हैं। भारत कभी भी इनके हितों से समझौता नहीं करेगा। मुझे पता है कि इसके लिए मुझे भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है, लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं।”
ये बयान ऐसे समय पर आया है जब भारत विश्व व्यापार संगठन (WTO) में कुछ अंतरराष्ट्रीय दबावों का सामना कर रहा है, जिनमें कृषि सब्सिडी और बाजार खोलने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का स्टैंड-
भारत ने WTO जैसी वैश्विक संस्थाओं में हमेशा किसानों के हितों की पैरवी की है। अमेरिका, यूरोपीय यूनियन जैसे देश भारत पर खेती, डेयरी और मछली पालन क्षेत्रों में सब्सिडी कम करने का दबाव बना रहे हैं।
लेकिन भारत का यह रुख – कि “हम अपने किसानों की मेहनत को अंतरराष्ट्रीय राजनीति के आगे नहीं झुकने देंगे” – साफ दर्शाता है कि सरकार किसी भी दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है।
किसानों के लिए क्या है सरकार की तैयारी-
पीएम मोदी के इस बयान के साथ सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि:
- कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नई योजनाएं लाई जाएंगी
- किसानों को MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) का पूरा लाभ दिलाया जाएगा
- मछुआरों और डेयरी किसानों के लिए भी विशेष योजनाएं लागू की जाएंगी
सरकार की कोशिश है कि किसान सिर्फ उत्पादनकर्ता न बनें, बल्कि आर्थिक भागीदारी में मजबूत स्तंभ बनें।
विपक्ष ने क्या कहा?
हालांकि विपक्ष ने इसे केवल एक चुनावी बयान बताया है। कुछ दलों का कहना है कि जमीन पर किसानों को राहत नहीं मिल रही और महज भाषणों से स्थिति नहीं बदलेगी।
लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का WTO में अड़ना और किसानों के पक्ष में खड़ा रहना एक मजबूत कूटनीतिक कदम है।
जनता की प्रतिक्रिया-
सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के इस बयान को जनता का समर्थन मिल रहा है।
कई यूजर्स ने लिखा –
“अब असली नेता वही है जो अपने देश के किसानों के लिए दुनिया से टकरा जाए।”
“WTO में जो झुका नहीं, वही भारत के किसान का सच्चा नेता है।”
निष्कर्ष-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बयान सिर्फ एक राजनीतिक स्टेटमेंट नहीं, बल्कि किसानों के साथ एक गहरा जुड़ाव दिखाता है।
‘हर स्तर पर सरकार तैयार है’ – ये शब्द किसानों को एक नई उम्मीद, आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना देते हैं।
अब देखने वाली बात होगी कि इस बयान को ज़मीन पर कैसे उतारा जाएगा और कौन-कौन से नए फैसले सरकार किसानों के हित में लेती है।